महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने 30 मई से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि 58 लाख मराठाओं को तुरंत जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। जरांगे का कहना है कि लंबे समय से समुदाय को आरक्षण और प्रमाणपत्र प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन को लेकर राज्य में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह मुद्दा सामाजिक न्याय से जुड़ा हुआ है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। सरकार की ओर से अभी इस मांग पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आंदोलन के कारण आने वाले दिनों में तनाव की स्थिति बन सकती है।
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