अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर नंबर 91 से जुड़े मामले में गुरुवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने थाना मजीठा की सीसीटीवी फुटेज पेश न करने पर पुलिस के प्रति नाराजगी जताई और स्पष्टीकरण मांगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जून की तारीख निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि मजीठिया और उनके 50 से अधिक समर्थकों पर थाना मजीठा के भीतर सरकारी दस्तावेज फाड़ने और काम में बाधा डालने का आरोप है। बचाव पक्ष के वकील अजय कुमार वरमानी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि मजीठिया और अन्य नेता केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी और संबंधित दस्तावेज मांगने थाने गए थे।
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