मजीठा गेट इलाके में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के समर्थन में पोस्टर लगाए जाने से पंजाब की राजनीति गरमा गई है। अकाली समर्थक इन पोस्टरों को नेता के प्रति वफादारी और एकजुटता का प्रतीक मान रहे हैं। उनका कहना है कि मामला दर्ज होने भर से कोई दोषी नहीं होता, अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि इसे कानूनी जवाबदेही के तहत देखा जाना चाहिए, और हर नागरिक कानून के समान है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच की जा रही है। विपक्ष ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं होनी चाहिए। यह पोस्टर विवाद अब अकाली दल और विपक्ष को आमने-सामने ले आया है। अब जांच एजेंसियों और अदालत के फैसले का इंतजार है।
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