देश के आठ प्रमुख शहरों में साल की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में मकानों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जो 24 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है। इस बढ़ोतरी के कारण आम लोगों के लिए घर खरीदना और भी महंगा हो गया है। विशेषज्ञ इसके लिए कच्चे माल (सीमेंट, स्टील) की बढ़ती कीमतों, ब्याज दरों में तेजी और शहरी इलाकों में बढ़ती मांग को जिम्मेदार मान रहे हैं। मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद सबसे अधिक प्रभावित शहरों में शामिल हैं। रियल एस्टेट डेवलपर्स का कहना है कि निर्माण लागत में अभूतपूर्व वृद्धि ने कीमतों को ऊपर धकेला है। दूसरी ओर, बैंकों द्वारा होम लोन की ब्याज दरें बढ़ाने से ईएमआई का बोझ भी बढ़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले महीनों में और कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे मिडिल क्लास की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। सरकार से पहली बार घर खरीदने वालों के लिए सब्सिडी या कर राहत देने की मांग तेज हो गई है।
Source: Source