पूर्व बेलूर विधायक केएस लिंगेश को भूमि आवंटन मामले में सीआईडी ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई सरकारी जमीन के कथित अनियमित आवंटन से जुड़े आरोपों के आधार पर की गई है। शिकायत में बड़े पैमाने पर फर्जी लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि बागर हुकुम योजना के तहत 2,750 एकड़ सरकारी भूमि आवंटित की गई थी। जांच में दावा किया गया है कि यह भूमि 1,430 कथित फर्जी लाभार्थियों के नाम पर स्वीकृत की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आवंटन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। मामले में सरकारी भूमि के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। सीआईडी अब दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य लाभार्थियों की वास्तविकता और आवंटन की वैधता का पता लगाना है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर योजना के क्रियान्वयन में शामिल लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं। हिरासत में लेकर लिंगेश से पूछताछ की जा रही है। मामले ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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