छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें चुनाव याचिका में अतिरिक्त मुद्दे तय करने की मांग की गई थी। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने आवेदन पर सुनवाई के बाद इसे स्वीकार नहीं किया। भाजपा सांसद विजय बघेल ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी है। इसी चुनाव याचिका में अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने के लिए भूपेश बघेल ने आवेदन प्रस्तुत किया था। उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 14 के विभिन्न प्रावधानों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 87 का हवाला दिया था। भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर 2026 के आदेश को भी अपने आवेदन का आधार बनाया। हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान विजय बघेल व्यक्तिगत रूप से साक्ष्य दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुए थे। विजय बघेल की ओर से भूपेश बघेल के आवेदन पर जवाब पहले ही पेश किया जा चुका था। हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर को आवेदन पर अपना आदेश सुनाया और अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग खारिज कर दी। इससे पहले 17 सितंबर 2026 को भी हाईकोर्ट भूपेश बघेल की एक अन्य अर्जी खारिज कर चुका है। उस आवेदन में उन्होंने चुनाव याचिका को समय-सीमा के आधार पर शुरुआती चरण में ही खारिज करने की मांग की थी।
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