भारत-बांग्लादेश सीमा का करीब 600 किलोमीटर लंबा हिस्सा ‘डार्क जोन’ में तब्दील हो गया है। यह इलाका नदियों, दलदल और घने जंगलों से भरा होने के कारण यहां बाड़ लगाना असंभव हो गया है। इस वजह से सीमा के इस हिस्से से अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य संवेदनशील गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इन समस्या क्षेत्रों में पारंपरिक बाड़ की जगह ‘स्मार्ट फेंसिंग’ तकनीक तैनात करनी शुरू कर दी है। इस नई तकनीक में सेंसर, थर्मल इमेजिंग और अलर्ट सिस्टम लगे होते हैं। स्मार्ट फेंसिंग से सीमा की 24×7 निगरानी की जा सकेगी और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत सूचना मिल जाएगी। बीएसएफ का कहना है कि इससे घुसपैठियों को पकड़ने में काफी मदद मिलेगी। फिलहाल इस डार्क जोन को पूरी तरह सुरक्षित करने में अभी समय लग सकता है। यह सीमा क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।
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