शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और इसमें 20 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। यह सुधार रुपये को अपने अब तक के निचले स्तर से उबरने में मदद करता है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बनी सकारात्मक उम्मीदों ने बाजार धारणा को मजबूत किया। साथ ही विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी रुपये को सहारा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यापार समझौते को लेकर हुई बातचीत के बाद प्रगति के संकेत मिले हैं। दोनों देशों के बीच आगे की वार्ताओं की योजना भी बनाई गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों का असर मुद्रा बाजार पर साफ दिख रहा है। रुपये की यह रिकवरी निवेशकों के भरोसे में सुधार का संकेत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में व्यापार वार्ताओं के नतीजों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
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