हॉर्मुज क्षेत्र में एक अमेरिकी बचाव अभियान के दौरान अत्याधुनिक ड्रोन बोट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस स्वायत्त नौका ने अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर के दो चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचाने में मदद की। ‘कॉर्सेयर’ नामक इस ड्रोन बोट को टेक्सास स्थित कंपनी सारोनिक टेक्नोलॉजीज ने विकसित किया है। कंपनी के सह-संस्थापकों में भारतीय मूल के इंजीनियर विभव अल्टेकर भी शामिल हैं। यह बोट बिना चालक के संचालन करने में सक्षम है और उन्नत तकनीक से लैस है। बचाव अभियान के दौरान इसने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन किया। रक्षा और समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में ऐसी स्वायत्त प्रणालियों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तरह की तकनीकें बचाव और निगरानी अभियानों को अधिक सुरक्षित और तेज बना सकती हैं। कॉर्सेयर को आधुनिक समुद्री संचालन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस घटना ने स्वायत्त समुद्री तकनीक की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर उजागर किया है। भारतीय मूल के इंजीनियर की इस उपलब्धि को तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। यह नवाचार रक्षा और आपदा प्रबंधन अभियानों में नई संभावनाओं का संकेत देता है।
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