प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए ‘एंटीफ्रैजाइल’ प्रणालियों के निर्माण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक दृष्टिकोण आमतौर पर किसी संकट के बाद सामान्य स्थिति में लौटने पर केंद्रित रहता है। हालांकि, बदलते समय में ऐसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता है जो संकटों से सीख सकें और उनसे अधिक मजबूत बनकर उभरें। मिश्रा ने कहा कि लक्ष्य केवल ‘बाउंस बैक’ करना नहीं, बल्कि ‘बाउंस फॉरवर्ड’ करना होना चाहिए। उनके अनुसार संस्थानों, बुनियादी ढांचे और शासन प्रणालियों को अधिक लचीला और अनुकूलनशील बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं और भविष्य के झटकों का सामना करने के लिए दीर्घकालिक तैयारी आवश्यक है। एंटीफ्रैजाइल प्रणाली वह होती है जो दबाव और चुनौतियों के बीच और अधिक सक्षम बनती है। मिश्रा ने बेहतर शासन और मजबूत सार्वजनिक संस्थानों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन और विकास रणनीतियों में इस सोच को शामिल किया जाना चाहिए। तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में केवल पुनर्प्राप्ति पर्याप्त नहीं है। देश को ऐसे ढांचे विकसित करने होंगे जो संकटों को अवसर में बदल सकें। यह दृष्टिकोण भविष्य की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित हो सकता है।
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