भगत देवरी गांव और आसपास के दर्जनभर गांवों में शनिवार रात भीषण आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी। तेज अंधड़ और हवाओं के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 40 वर्षों में क्षेत्र में ऐसी आंधी पहली बार देखी गई। कुछ ही मिनटों में इलाके का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। चारों ओर उखड़े पेड़, टूटे बिजली पोल, मलबे में तब्दील मकान और बिखरी दुकानें नजर आने लगीं। भगत देवरी सहित आसपास के गांवों में 40 से 50 से अधिक कच्चे और खपरैल मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों की छतें उड़ गईं तो कई मकानों की दीवारें ढह गईं। बल्लू सरदार का पान ठेला, संहिता यादव का होटल और रोहित की टायर दुकान पूरी तरह ढह गए। सलडीह निवासी संदीप अग्रवाल के नवनिर्मित मकान की दीवार जमींदोज हो गई। संजू सेठ के गोदाम की करीब 220 चद्दरें तेज हवा में उड़ गईं, जिससे भारी आर्थिक क्षति हुई। तूफान के कारण विद्युत और संचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करीब 40 से 50 बिजली खंभे गिरने और तार टूटने से पूरा इलाका रातभर अंधेरे में डूबा रहा। मुख्य मार्गों और ग्रामीण सड़कों पर सैकड़ों पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। पिथौरा प्रभारी तहसीलदार मोहित अमिला ने कहा कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गया है।
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