बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर जोरदार सियासी घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी बंगला किसी की बपौती (पैतृक संपत्ति) नहीं है और पद छोड़ने के बाद उसे तुरंत खाली करना चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राजद ने इस पर पलटवार करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। राजद का कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं अपने आवास परिसर का विस्तार कर इसे लगभग 15 एकड़ में बदल दिया है। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि सरकार आवास आवंटन में दोहरे मानदंड अपना रही है। राजद के अनुसार, केवल विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है जबकि सत्ता पक्ष के लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस मुद्दे ने बिहार की राजनीति का बड़ा विषय पकड़ लिया है। सत्तारूढ़ दल और राजद के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजद ने मांग की है कि सरकार अपने आवास विस्तार का ब्योरा सार्वजनिक करे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान को विपक्ष ने सत्ता के दुरुपयोग का प्रतीक बताया है। इस विवाद के बीच राजनीतिक विश्लेषक इसे अगले चुनावों के पहले का बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। फिलहाल बिहार की सियासत इस बंगले पर केंद्रित हो गई है और आने वाले दिनों में और घमासान देखने को मिल सकता है।
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