बिहार कौशल-आधारित उच्च शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। राज्य के नौ कॉलेजों में ऐपरेंटिसशिप-एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (प्रशिक्षण अंतर्निहित डिग्री पाठ्यक्रम) शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के तहत छात्र सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में मदद मिलेगी। कॉलेजों का चयन उद्योगों की नज़दीकी और स्थानीय जरूरतों के आधार पर किया गया है। स्नातक होने तक छात्रों को कम से कम एक साल का कार्य अनुभव मिल जाएगा, जिससे उनकी नौकरी पाने की संभावना बढ़ जाएगी। इस योजना के तहत शुरुआत में इंजीनियरिंग, आईटी, रिटेल और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे 50 कॉलेजों तक विस्तारित करना है। इससे राज्य के बेरोजगारी दर को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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