बिहार सरकार राज्य के 534 ब्लॉकों में 572 स्कूलों को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित कर रही है। लेकिन इन महत्वाकांक्षी मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। कई स्कूलों में लंबे समय से खाली पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग को योग्य शिक्षकों की भर्ती और तैनाती में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर अभिभावक और छात्र सुविधाओं की कमी को लेकर चिंतित हैं। सरकार की योजना के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार धीमा बताया जा रहा है। कई विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा तैयारी पर असर पड़ रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा। प्रशासन मॉडल स्कूल योजना को सफल बनाने के लिए प्रयासरत है।
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