छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गंभीर आपराधिक मामलों की प्रभावी जांच कर दोषियों को सजा दिलाने वाले 25 पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया। एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। पुलिस टीमों ने पॉक्सो, हत्या और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में वैज्ञानिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। मजबूत चार्जशीट के आधार पर फास्ट ट्रैक और विशेष अदालतों ने आरोपियों को आठ साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई। तत्कालीन कोतवाली टीआई देवेश सिंह राठौर को चार अलग-अलग मामलों में सजा दिलाने के लिए सात हजार रुपये का पुरस्कार मिला। निरीक्षक रजनीश सिंह को पॉक्सो मामले में दोषियों को उम्रकैद दिलाने पर दो हजार रुपये दिए गए। दामोदर मिश्रा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा दिलाने पर एक हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। निलेश पांडेय को पॉक्सो मामले में 20 साल की सजा दिलाने पर एक हजार रुपये मिले। उप निरीक्षक रामनरेश यादव को एनडीपीएस मामले में चार आरोपियों को 15-15 साल की सजा दिलाने पर दो हजार रुपये दिए गए। अन्य निरीक्षकों, उप निरीक्षकों, एएसआई और हेड कांस्टेबलों को भी उनके योगदान के अनुसार नकद पुरस्कार मिले। इसी बीच बिलासपुर के राइफल शूटर सौरभ प्रताप सिंह ने भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया ओपन शूटिंग चैंपियनशिप के प्री-नेशनल मुकाबले में 600 में से 594 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। इससे पहले सौरभ ने छत्तीसगढ़ स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में दो पदक जीते और ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतिष्ठित जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया है। सौरभ का लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। वह नियमित अभ्यास कर ओलंपिक तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।
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