बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग ने पुलिस विवेचना को बेहतर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। उनके मार्गदर्शन में ‘मरणासन्न कथन’ (डाइंग डिक्लेरेशन) पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में रेंज के करीब 200 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अदालतों में सजा का प्रतिशत बढ़ाना और अपराधियों को कानून के घेरे में लाना है। आईजी गर्ग ने चेतावनी दी कि विवेचना में थोड़ी सी भी लापरवाही आरोपियों को फायदा पहुंचा सकती है। डाइंग डिक्लेरेशन किसी मरते हुए व्यक्ति का आखिरी बयान होता है, जिसे साक्ष्य के तौर पर स्वीकार किया जाता है। इसकी सही रिकॉर्डिंग और संरक्षण बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण में अधिकारियों को इससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और बारीकियां सिखाई गईं। इस मुहिम से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ने और न्याय प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Source: Source