छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में यातायात सुगम बनाने के लिए बनाई गई तरौद-दैहान बायपास योजना 12 सालों से अटकी पड़ी है। यह परियोजना शहर को भारी वाहनों के दबाव से राहत दिलाने के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई थी। लगभग 40 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना को 2012 में ही राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद 2016 में प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई थी। बावजूद इसके, अब तक जमीन अधिग्रहण और स्थानीय विवादों के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बायपास न बनने से जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। किसान मुआवजे को लेकर सहमति नहीं बना पा रहे हैं, जिससे प्रोजेक्ट लटका है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही विवाद सुलझाकर काम शुरू कराया जाएगा। हालांकि, 12 साल बीत जाने के बाद भी आम जनता को राहत का इंतजार है।
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