बालोद के ग्राम जगन्नाथपुर से पापरा तक 6 किलोमीटर सड़क के सुधार के लिए 15 जून तक नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ अरुण कुमार ने बताया कि यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के 2026-27 के बजट में शामिल है। हालांकि मानसून सीजन में डामरीकरण कार्य शुरू होने की संभावना नहीं है, क्योंकि प्रशासनिक मंजूरी में अभी और समय लगेगा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल 30 जून 2025 को चक्काजाम के बावजूद इस बार भी बारिश में गड्ढों व कीचड़ से जूझना पड़ेगा। कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के अनुसार 22 सितंबर 2023 को ही 6.94 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह मामला अटक गया। खराब सड़क के कारण पिरीद, पापरा, जगन्नाथपुर, कोहंगाटोला, घुमका, जुंगेरा, सुरेगांव सहित 15 गांवों के लोगों को रोजाना परेशानी होती है। यहां के हाईस्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना दूभर हो गया है। छात्राओं प्रियंका, चेतना, ईशा, इंदू ने बताया कि पिछले साल डामर उखड़ने व गड्ढों में पानी भरने से काफी दिक्कतें हुई थीं। हेणुका देशमुख, पूर्णिमा चुरेंद्र, ओमलता ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पहले से ध्यान देना चाहिए था। अब अगले माह से बारिश शुरू होगी, फिर राहत मिलना मुश्किल हो जाएगा।
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