जम्मू-कश्मीर के बारामूला निवासी आकिब नबी ने भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता के पीछे एक अहम फैसला बताया जा रहा है, जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी। 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान उनके पिता उन्हें बीसीसीआई के तेज गेंदबाजी शिविर में भेजने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि बाद में पिता ने उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें शिविर में जाने की अनुमति दे दी। यही मौका आकिब के क्रिकेट करियर में बड़ा बदलाव लेकर आया। बीसीसीआई के शिविर में प्रशिक्षण मिलने से उनकी गेंदबाजी को नई पहचान मिली। कड़ी मेहनत और लगातार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। आकिब की कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने साबित किया कि सही अवसर और मेहनत से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। भारतीय टेस्ट टीम तक का उनका सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प से भरा रहा है। बारामूला से टीम इंडिया तक का उनका सफर अब क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
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