छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभ्यारण्य में दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी दिखाई देने से वन विभाग और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है। यह दुर्लभ प्रजाति बलौदाबाजार वनमंडल के देवपुर जंगल क्षेत्र में देखी गई। जानकारी के अनुसार देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान वनकर्मियों और प्रतिभागियों ने इस गिलहरी को देखा। विशाल भारतीय गिलहरी को जायंट मालाबार स्क्विरल के नाम से भी जाना जाता है। इसकी लंबाई करीब 3 फीट बताई जा रही है। यह प्रजाति अपने रंग-बिरंगे फर और बड़े आकार के कारण विशेष पहचान रखती है। वन विशेषज्ञों के मुताबिक यह जीव जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दुर्लभ प्रजाति का दिखाई देना जंगल के स्वस्थ पर्यावरण का संकेत माना जा रहा है। बारनवापारा क्षेत्र पहले से ही वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध है। वन विभाग ने इस खोज को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए भी यह घटना खास मानी जा रही है। विशेषज्ञ अब इस इलाके में जैव विविधता पर और विस्तृत अध्ययन की तैयारी कर रहे हैं। इस दुर्लभ गिलहरी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं।
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