मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ढाई महीने के भीतर 8 बाघों की मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले में विस्तृत जवाब मांगा है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बाघों की मौत के पीछे करंट लगना और आपसी संघर्ष मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग पर लापरवाही के आरोप भी उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही मौतें गंभीर चिंता का विषय हैं। मामले की जांच तेज कर दी गई है और विभिन्न स्तरों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। हाईकोर्ट ने सरकार से सुरक्षा उपायों और निगरानी व्यवस्था पर स्पष्टीकरण मांगा है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संगठनों ने भी चिंता जताई है। राज्य में बाघ संरक्षण की स्थिति पर फिर से बहस शुरू हो गई है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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