फरीदकोट के चर्चित बहिबलकलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसआईटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि सुखबीर बादल ने अकाल तख्त के समक्ष अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की थी। जत्थेदार के अनुसार, यह कबूलनामा सार्वजनिक था और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग अकाल तख्त के रिकॉर्ड में सुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहिबल कलां में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर साजिश के तहत गोलियां चलवाई गई थीं, जिससे सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। एसआईटी अब इस बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो सुखबीर बादल के लिए गंभीर कानूनी और राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता है। यह घटना 14 अक्टूबर 2015 की है, जब बेअदबी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी। फिलहाल चंडीगढ़ जिला अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है और एसआईटी की जांच निरंतर जारी है। इस मामले में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही चार्जशीट किया जा चुका है। जत्थेदार के इस नए बयान ने मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है, जिससे सच सामने आने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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