बस्तर की धरती पर पहली बार दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल ‘मियाजाकी आम’ की सफल पैदावार हुई है। जापान में पाए जाने वाला यह खास आम अब छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में भी फल देने लगा है। इस उपलब्धि का श्रेय जगदलपुर निवासी और ‘ट्री मैन’ के नाम से प्रसिद्ध सम्पत झा को मिला है। उनके बगीचे में लगा मियाजाकी आम का पेड़ पहली बार फलों से लद गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत करीब दो से ढाई लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है। बस्तर में इस विदेशी प्रजाति के आम की खेती सफल होने से स्थानीय लोग भी उत्साहित हैं। कृषि और बागवानी विशेषज्ञों ने इसे बड़ी उपलब्धि माना है। लोगों की भीड़ इस खास आम को देखने के लिए सम्पत झा के बगीचे तक पहुंच रही है। मियाजाकी आम अपने गहरे लाल रंग, मिठास और पोषण गुणों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इसकी खेती के लिए विशेष जलवायु और देखभाल की जरूरत होती है। बस्तर की जलवायु में इसका सफल उत्पादन क्षेत्र की कृषि संभावनाओं को नई पहचान दे सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस खेती को बढ़ावा मिला तो किसानों के लिए आय के नए अवसर खुल सकते हैं। सम्पत झा ने बताया कि उन्होंने लंबे समय तक मेहनत और देखभाल के बाद यह सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि ने बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।
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