इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में हुई सांप्रदायिक हिंसा और आगजनी से जुड़े मामले में मौलाना तौकीर रजा खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार किया। न्यायालय ने कहा कि आरोपी की रिहाई से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का जोखिम हो सकता है। तौकीर रजा पर हिंसा और उपद्रव से जुड़े घटनाक्रम में मुख्य साजिशकर्ता होने के आरोप हैं। मामले की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने माना कि इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि रिहाई की स्थिति में शांति भंग होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बरेली में हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने व्यापक तनाव पैदा किया था। मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां पहले से कार्रवाई कर रही हैं। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी की भूमिका को गंभीर बताया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद तौकीर रजा को फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रहना होगा। मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। हाईकोर्ट के इस निर्णय को कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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