पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15 वर्षों तक राज्य की सत्ता संभाली, लेकिन हालिया राजनीतिक हालातों ने पार्टी के भीतर असंतोष को उजागर कर दिया है। पार्टी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने खुलकर बगावत का मोर्चा खोल दिया है। इन दोनों नेताओं की सक्रियता से TMC के अंदरूनी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। चुनावी हार के बाद पार्टी में गुटबाजी की स्थिति और तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती बन सकता है। दोनों नेताओं के कदम से पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है। राज्य की राजनीति में यह विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। विपक्षी दल भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। फिलहाल TMC के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
Source: Source