ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट ने फैशन कैटेगरी के लिए अपनी शून्य कमीशन नीति का विस्तार किया है। पहले यह सुविधा केवल 1,000 रुपये तक के उत्पादों पर लागू थी, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है। अब फैशन के सभी उत्पादों और सभी प्राइस पॉइंट्स पर विक्रेताओं से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। इस पहल से प्लेटफॉर्म पर मौजूद लगभग 90,000 सक्रिय विक्रेताओं को सीधा लाभ होगा। इसमें एमएसएमई (MSME), होमग्रोन ब्रांड्स और डायरेक्ट-टू-कस्टमर (D2C) कंपनियां शामिल हैं। विक्रेताओं को अधिक मार्जिन रखने में मदद मिलेगी, जिससे वे अपने व्यापार में निवेश बढ़ा सकेंगे। फ्लिपकार्ट विक्रेताओं को एआई-संचालित डिमांड इनसाइट्स और ट्रेंड डेटा जैसे उन्नत उपकरण भी प्रदान करेगा। इस रणनीतिक बदलाव का उद्देश्य फैशन ई-कोसिस्टम को मजबूत करना और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। ग्राहकों को भी अब प्रीमियम फैशन सहित उत्पादों की एक विस्तृत रेंज और बेहतर विकल्प मिलेंगे। यह कदम विशेष रूप से जेन जेड (Gen Z) ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है। फ्लिपकार्ट का मानना है कि यह बदलाव विक्रेताओं और खरीदारों दोनों के लिए एक नई विकास गाथा लिखेगा। कंपनी के अनुसार, इससे विक्रेताओं को नवाचार और ब्रांड निर्माण के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
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