84 वर्षीय नैन्सी गुथरी के अपहरण मामले में फिरौती से जुड़े संदेश जांच का प्रमुख केंद्र बन गए हैं। एक पूर्व एफबीआई एजेंट का मानना है कि फिरौती के संदेशों में मौजूद भाषाई पैटर्न और लेखन शैली अपहरणकर्ता की पहचान तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। उनके अनुसार हर व्यक्ति की भाषा और अभिव्यक्ति का एक विशिष्ट ‘फिंगरप्रिंट’ होता है। प्रारंभिक संदेशों में किसी प्रत्यक्षदर्शी का संकेत दिया गया था, लेकिन बाद के संदेशों का लहजा और शैली अलग दिखाई दी। इससे जांचकर्ताओं को संदेह हुआ कि संदेश अलग-अलग लोगों द्वारा लिखे गए हो सकते हैं। अधिकारियों ने कुछ ऐसे सुरागों पर भी काम किया है जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार जांच एजेंसियों ने फिरौती की मांग पूरी करने के बजाय धन के लेनदेन और भुगतान के संभावित रास्तों का पता लगाने पर अधिक ध्यान दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रणनीति से संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। मामले की जांच लगातार जारी है और कई पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। इस बीच नैन्सी गुथरी का परिवार समुदाय से सहयोग की अपील कर रहा है। परिजन लोगों से किसी भी उपयोगी जानकारी को तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाने का आग्रह कर रहे हैं। जांचकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि नए सुराग जल्द ही मामले को सुलझाने में मदद करेंगे।
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