भारत में पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अब कम उम्र के पुरुषों में भी इसकी पहचान हो रही है। बीमारी के बढ़ते मामलों के पीछे जीवनशैली और आनुवंशिक कारणों की भूमिका मानी जा रही है। जागरूकता की कमी और सामाजिक झिझक के कारण कई मरीज देर से जांच कराते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पहचान होने से इलाज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। शुरुआती स्क्रीनिंग को प्रोस्टेट कैंसर से बचाव और नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। रोबोटिक सर्जरी ने इस बीमारी के उपचार में नई संभावनाएं पैदा की हैं। यह तकनीक कम चीरे के साथ इलाज और तेजी से रिकवरी में मदद करती है। अस्पतालों द्वारा 45 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों के लिए जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। डॉक्टर पुरुषों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। समय पर निदान और आधुनिक उपचार से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
Source: Source