भारत ने पिछले वर्षों में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। कुपोषण और पोषण संबंधी कई समस्याओं में कमी देखने को मिली है। इसके बावजूद देश अब एक नई स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर रहा है। मोटापा और मधुमेह के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली इसका प्रमुख कारण है। शारीरिक गतिविधियों में कमी और असंतुलित खानपान जोखिम को बढ़ा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी यह समस्या तेजी से फैल रही है। कम उम्र के लोगों में भी मोटापे और मधुमेह के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित व्यायाम और संतुलित आहार पर जोर दे रहे हैं। समय पर जांच और शुरुआती पहचान को बीमारी नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। जागरूकता अभियान और निवारक उपायों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोषण सुधार के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भविष्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य जरूरत बन गया है।
Source: Source