पैरालंपिक पदक विजेता डैफनी श्रेगर को डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। श्रेगर ने दावा किया है कि उन्होंने कभी धोखा नहीं दिया। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन अनजाने में हुआ था। मामले में जांच के बाद खेल अधिकारियों ने कार्रवाई की। श्रेगर ने अपनी बेगुनाही पर जोर देते हुए कहा कि उनका इरादा नियम तोड़ने का नहीं था। वह ब्रिटेन की पैरालंपिक टीम की पदक विजेता खिलाड़ी रही हैं। डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामलों में खेल संस्थाएं सख्त कार्रवाई करती हैं। प्रतिबंध की अवधि के दौरान वह प्रतिस्पर्धी खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। इस मामले ने खिलाड़ियों के लिए प्रतिबंधित पदार्थों को लेकर सावधानी की जरूरत को फिर से सामने रखा है। श्रेगर ने अपने करियर और प्रतिष्ठा पर पड़े प्रभाव को लेकर निराशा जताई है। खेल जगत में इस फैसले पर चर्चा हो रही है।
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