स्किनकेयर की दुनिया में अक्सर रेटिनॉल और पेप्टाइड्स की तुलना की जाती है, लेकिन ये दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी नहीं हैं। रेटिनॉल त्वचा की नई कोशिकाओं के निर्माण को तेज करता है, जिससे झुर्रियां और एक्ने जैसी समस्याओं में सुधार होता है, हालांकि इससे कुछ लोगों में स्किन इरिटेशन भी हो सकता है। दूसरी ओर, पेप्टाइड्स त्वचा में कोलेजन बढ़ाने वाले मैसेंजर की तरह काम करते हैं, जिससे त्वचा ज्यादा टाइट और युवा दिखती है। पेप्टाइड्स आमतौर पर कम सेंसिटिव और अधिक जेंटल माने जाते हैं। खासकर भारत जैसे गर्म और नमी वाले मौसम में कई लोगों के लिए पेप्टाइड्स ज्यादा प्रैक्टिकल विकल्प हो सकते हैं। रेटिनॉल को अब भी एक पावरफुल एंटी-एजिंग इंग्रीडिएंट माना जाता है। दोनों का सही इस्तेमाल स्किन हेल्थ को बेहतर बना सकता है। स्किन टाइप के अनुसार सही प्रोडक्ट चुनना जरूरी होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआत कम कंसंट्रेशन से करनी चाहिए। सही रूटीन के साथ दोनों ही एजिंग के असर को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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