आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के पेपर लीक रोकने से जुड़े नए कदमों की आलोचना की है। उन्होंने इस फैसले को अव्यवहारिक और बेतुका करार दिया है। केजरीवाल का कहना है कि केवल सख्त नियम बनाने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि इसके लिए सिस्टम में गहरे सुधार और पारदर्शिता जरूरी है। उनका मानना है कि मौजूदा कदम समस्या की जड़ तक नहीं पहुंचते। केजरीवाल ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार लाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार और विपक्ष के बीच परीक्षा सुधारों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। मामले ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति की आवश्यकता है।
Source: Source