केंद्र सरकार ने पेपर लीक अपराधों पर सख्ती बढ़ाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। नए प्रावधानों के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। विधेयक में पेपर लीक मामलों की सजा को पहले से अधिक कठोर बनाने का प्रस्ताव है। न्यूनतम सजा को 3 साल से बढ़ाकर 5 साल किए जाने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाना है। पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों और अभ्यर्थियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। नए कानून से संगठित रूप से पेपर लीक करने वालों पर कार्रवाई आसान होगी। विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
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