पुणे के पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पुणे राज्य का ‘क्राइम कैपिटल’ नहीं है और पिछले एक साल में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। यह बयान एनसीपी नेता सुप्रिया सुले के उस दावे के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने पुणे को राज्य की अपराध राजधानी बताया था। पुलिस आयुक्त ने आँकड़े पेश करते हुए बताया कि गंभीर अपराधों (हत्या, डकैती, लूट, चोरी) में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध और यातायात नियमों के उल्लंघन में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसे पूरे राज्य में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे, पेट्रोलिंग और महिला सुरक्षा दस्तों की तैनाती बढ़ाई गई है। उन्होंने सुप्रिया सुले को पुणे का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया ताकि वे खुद सुधार देख सकें। राजनीतिक गलियारों में यह बयानबाजी तेज हो गई है। स्थानीय व्यापारियों ने भी पुलिस के काम की सराहना की है।
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