पुडुचेरी के बहुचर्चित 5000 करोड़ रुपये के कथित नकली दवा घोटाले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले से जुड़े खुलासों ने जांच एजेंसियों और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। आरोप लगाया गया है कि घोटाले के एक आरोपी को बचाने के लिए तीन करोड़ रुपये की कथित डील की गई। इस आरोप में हरियाणा कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का नाम सामने आने का दावा किया गया है। मामले ने पहले से चल रही जांच को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। नकली दवा घोटाला देश के बड़े आर्थिक अपराध मामलों में गिना जा रहा है। आरोपों के सामने आने के बाद संबंधित पक्षों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। मामले में आगे की जांच और साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल यह मामला सार्वजनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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