अमृतसर के ऑल इंडिया पिंगलवाड़ा चैरिटेबल सोसायटी के प्रांगण में संस्थापक भगत पूरन सिंह के 122वें जन्मदिन पर तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ। पहले दिन ‘गुरुमति विचारधारा की रोशनी में प्रकृति की संभाल’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया, जिससे लोगों में पर्यावरण चेतना बढ़े। पिंगलवाड़ा की मुख्य सेवादार डॉ. इंद्रजीत कौर ने कहा कि भगत पूरन सिंह ने 100 साल पहले ही पर्यावरण संकट के प्रति आगाह कर दिया था। मुख्य वक्ता डॉ. इंद्रजीत सिंह गोगोआणी और ज्ञानी केवल सिंह ने कहा कि दूषित पानी और पर्यावरण से जीव-जंतुओं का अस्तित्व खतरे में है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. सरबजीत सिंह छीना ने कहा कि पढ़ाकर डिग्री तो दे रहे, लेकिन जमीनी काम नहीं हो रहा। अमृतसर विधायक डॉ. कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बढ़ते तापमान और घटते जमीनी पानी पर चिंता जताई। बाबा सेवा सिंह के प्रतिनिधि ने हर व्यक्ति से 20 पौधे लगाने का आह्वान किया। प्रिं. कुलवंत सिंह ने घरों की छतों पर जैविक खेती करने की सलाह दी। कार्यक्रम में बच्चों की कविताओं और कमलजीत सिंह नीलों की प्रेरक रचनाओं ने लोगों को प्रभावित किया।
Source: Source