पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण युवा पीढ़ी अपने संस्कार भूल रही है। यह समस्या वर्तमान परिवेश में दिखाई दे रही है। युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है। पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में युवा अपने परिवार और समाज से दूर हो रहे हैं। यह एक गंभीर समस्या है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपने संस्कारों को बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को कम करने के लिए समाज और परिवार को मिलकर काम करना होगा। यह एक सामूहिक प्रयास होगा जिससे युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने में मदद मिलेगी। युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों और परंपराओं को समझने और उनका पालन करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
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