ब्रिटेन की एक अदालत में हुई सुनवाई में सऊदी प्रिंस अब्दुल्ला बिन फहद बिन अब्दुलअजीज बिन जलावी अल सऊद की मौत से जुड़े अहम तथ्य सामने आए। 29 वर्षीय प्रिंस की मौत होटल के कमरे में पार्टी के बाद हुई थी। जांच में पता चला कि उनके शरीर में ड्रग्स, शराब और दवाओं का घातक मिश्रण मौजूद था। अदालत ने माना कि यही मिश्रण उनकी मौत का कारण बना। सुनवाई के दौरान इस मामले को आत्महत्या नहीं माना गया। कोर्ट ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना करार दिया। मामले की जांच में मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट को अहम आधार बनाया गया। अधिकारियों ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों का मूल्यांकन किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जानबूझकर आत्महत्या किए जाने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले। इस फैसले के बाद मौत को आकस्मिक घटना के रूप में दर्ज किया गया। मामले ने सऊदी शाही परिवार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया।
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