पानीपत के समालखा थाना क्षेत्र के झट्टीपुर इलाके में RTA विभाग की चेकिंग टीम की लाइव लोकेशन लीक करने वाले एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक युवक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अधिकारियों की मूवमेंट और लोकेशन लगातार साझा कर रहा था, ताकि ओवरलोड और अवैध वाहन जांच से बच सकें। यह पूरा नेटवर्क वाहन चालकों और परिवहन से जुड़े लोगों के बीच सक्रिय बताया जा रहा है। आरटीए अधिकारी सुरेंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान अंश उर्फ हर्ष के रूप में हुई है, जो गढ़ी बेसक का रहने वाला है। वह ग्रुप के जरिए लाइव अपडेट और वॉयस नोट भेजकर टीम की लोकेशन साझा करता था। इस वजह से कई अवैध वाहन जांच से बच निकलते थे और टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहा था। पुलिस अब आरोपी का मोबाइल जब्त कर पूरे ग्रुप और अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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