पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) को लेकर एक बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है। भाजपा सरकार ने विधानसभा में UCC बिल पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुष्टि की है कि इसे सोमवार को सदन में रखा जाएगा। इस कानून का उद्देश्य धर्म-आधारित पर्सनल लॉ को हटाकर एक समान कानूनी ढांचा लागू करना है। हालांकि, भाजपा का यह भी कहना है कि आदिवासी समुदायों को इस दायरे से बाहर रखा जाएगा। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस कदम को राजनीतिक ध्रुवीकरण करार दिया है और व्यापक विचार-विमर्श की मांग की है। इस प्रस्तावित कानून को लेकर राज्य में पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई है। यह कदम भाजपा के उस चुनावी एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है, जिसे अन्य भाजपा शासित राज्यों में पहले ही लागू किया जा चुका है। अब देखना यह होगा कि विधानसभा में इस बिल पर कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।
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