पंजाब में नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के अपराध की दुनिया में उतरने का एक चिंताजनक चलन सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, नशे की अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ये युवा कम कीमत पर ‘सुपारी किलर’ (भाड़े के हत्यारे) के रूप में काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नशा तस्करी के जाल ने राज्य के युवाओं को इस कदर खोखला कर दिया है कि वे अब मामूली पैसों के लिए गंभीर अपराध करने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर संकट का संकेत है। युवाओं का इस तरह से अपराधियों के हाथों का खिलौना बनना उनके भविष्य को पूरी तरह नष्ट कर रहा है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं इस बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए व्यापक पुनर्वास और रोजगार कार्यक्रमों पर जोर दे रही हैं, ताकि युवाओं को अपराध की राह से वापस मुख्यधारा में लाया जा सके।
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