पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक अद्भुत परिवर्तन लाकर देशभर में अपनी स्थिति को 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंचा दिया है। पंजाब अब केरल जैसे उच्च शिक्षा वाले राज्य को भी पीछे छोड़ चुका है। 2016-17 में पंजाब 22वें, 2018-19 में 26वें और 2020 में 27वें स्थान पर था। उस समय सरकारी स्कूलों में संसाधनों की भारी कमी थी और बच्चों का भविष्य अधर में था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की नियुक्ति और डिजिटल सुविधाओं पर जोरदार निवेश किया। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, खेल के मैदान और लैब सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सरकारी स्कूलों के छात्रों ने अब प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य ने निजी स्कूलों की बराबरी करने के बाद उनसे आगे निकलने में सफलता पाई है। यह उपलब्धि पंजाब के शिक्षा मॉडल को देश भर के लिए एक मिसाल बनाती है।
Source: Source