पंजाब में कथित पुलिस एनकाउंटर मामलों को लेकर पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन ने सख्त रुख अपनाया है। पंजाब मानवाधिकार संगठन (PHRO) के अध्यक्ष रंजीत सिंह की शिकायत पर आयोग ने राज्य के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को तय की गई है। पुलिस को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। शिकायत में राज्य में करीब 35 एनकाउंटर मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। आरोप है कि कई मामलों में पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रहती है। इसमें कहा गया है कि आरोपी को बरामदगी या पूछताछ के लिए ले जाने के दौरान गोली चलने की घटनाएं बताई जाती हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन घटनाओं में अक्सर आरोपी के पैर में गोली लगने की बात कही जाती है। आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचने से पहले ही मामलों को खत्म करने की कोशिश होती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सत्ताधारी दल के कुछ प्रतिनिधि कथित तौर पर हिंसक कार्रवाई को बढ़ावा देते हैं। गुरदासपुर में हालिया एनकाउंटर का भी जिक्र किया गया है और पुलिस दावों पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में इसे कानून के शासन और जीवन के अधिकार के खिलाफ बताया गया है। अब आयोग की रिपोर्ट और पुलिस जवाब पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
Source: Source