पंचकूला के तहसीलदार विक्रम सिंगला को करप्शन केस में दूसरी बार फंसे हैं। उन्होंने पर्ल ग्रुप की अटैच जमीन बेचने के मामले में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री कराई। विजिलेंस जांच में मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत बनता पाया गया। सरकार से मिली अनुमति के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पहले भी तहसीलदार विक्रम सिंगला जेल जा चुके हैं। उनके खिलाफ अब विजिलेंस गिरफ्तारी का प्रयास करेगी।
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