भगवान विष्णु को समर्पित निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। इस वर्ष एकादशी पर कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। रवि योग, शिव योग और सिद्ध योग के कारण इस व्रत का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। इसके साथ ही यह एकादशी गुरुवार के दिन पड़ रही है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया निर्जला एकादशी व्रत सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्रदान कर सकता है। हिंदू पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 24 जून की रात 8:09 बजे शुरू होगी और 25 जून की रात 9:14 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 25 जून को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी को वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है। इस दिन व्रती बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं। पंडितों के अनुसार रवि योग सुबह 5:25 बजे से शाम 4:29 बजे तक रहेगा। शिव योग सुबह 10:22 बजे से प्रारंभ होकर पूरे दिन प्रभावी रहेगा। सिद्ध योग सुबह 10:53 बजे से पूरे दिन बना रहेगा। व्रत पारण का शुभ समय 26 जून को सुबह 5:25 बजे से 8:13 बजे तक माना गया है। श्रद्धालुओं को शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना और विष्णु आराधना करने की सलाह दी गई है।
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