छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरंडा थाना क्षेत्र में सोमवार रात धर्मांतरण के आरोपों को लेकर तनाव व्याप्त हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि ‘प्रेस’ लिखी एक गाड़ी में पहुंचे पास्टर और उनके साथी आदिवासी समुदाय के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे, जिसके विरोध में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
**घटना के मुख्य बिंदु:**
* **विवाद की शुरुआत:** भरंडा गांव में एक घर के भीतर कथित तौर पर धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
* **हिंसा और घायल:** देखते ही देखते विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें एक महिला सहित 2-3 लोग घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
* **ग्रामीणों का आक्रोश:** ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ‘प्रेस’ के नाम का दुरुपयोग कर धर्मांतरण जैसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जो पत्रकारिता की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है। उन्होंने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
* **प्रशासनिक स्थिति:** सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है। किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव हो सकेगी। इसी तरह की एक अन्य घटना हाल ही में कांकेर जिले के नरहरपुर में भी सामने आई थी, जहां प्रार्थना सभा के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था।
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