सोमनी थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय नाबालिग से जुड़े कथित गलत प्रेग्नेंसी रिपोर्ट मामले में नए आरोप सामने आए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद बच्ची और उसके परिजनों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। परिवार के अनुसार पुलिस बच्ची को काउंसलिंग के नाम पर राजनांदगांव ले गई थी। जिला चिकित्सालय में उसकी कई बार सोनोग्राफी और यूरिन जांच कराई गई। सभी जांचों में प्रेग्नेंसी रिपोर्ट निगेटिव बताई गई। इसके बावजूद संबंधित कर्मियों पर संवेदनहीन व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद बच्ची मानसिक आघात में है और उसकी तबीयत भी प्रभावित हुई है। चिकित्सकीय जांच में उसके गले में सूजन की पुष्टि होने का दावा किया गया है। परिवार का आरोप है कि मामले के कारण उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा है। कलेक्टर द्वारा गठित जांच टीम ने गांव पहुंचकर बयान दर्ज किए हैं और जांच प्रक्रिया पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी विभागीय जांच पूरी होने की जानकारी दी है। संबंधित रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन को भेजी जाएगी। सूत्रों के अनुसार मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। विपक्षी नेताओं ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मामले ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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