धमतरी में कथित गौमांस बरामदगी के मामले को लेकर मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांडा समाज के सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। समाज के लोगों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मामले से पूरे गांडा समाज की छवि को नुकसान पहुंचा है। उनका दावा है कि कथित आरोपी गांडा समाज का सदस्य नहीं है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि आरोपी डोम जाति से संबंधित और बाहरी राज्य से आया व्यक्ति है। उन्होंने गांडा समाज की पारंपरिक सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिकाओं का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि बिना तथ्यात्मक जांच के किसी समुदाय को घटना से जोड़ना उचित नहीं है। समाज ने मांग की कि ऐसे मामलों में आरोपियों की पहचान और जातीय पृष्ठभूमि का सही सत्यापन किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने गांडा बस्ती का नाम बदलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने का सुझाव भी दिया। समाज ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में सख्त जांच की मांग उठाई। उनका आरोप है कि कुछ लोग गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र हासिल कर रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ से आए समाजजन ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तियों के कृत्यों के कारण पूरे समाज को अपमान का सामना करना पड़ रहा है। समाज ने शासन और प्रशासन से मामले में सख्त एवं निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की।
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