भारत में किए गए एक दीर्घकालिक अध्ययन में सामाजिक संबंधों और स्वास्थ्य के बीच महत्वपूर्ण संबंध सामने आया है। केरल में लगभग नौ वर्षों तक चली इस रिसर्च में डायबिटीज के जोखिम पर दोस्तों के प्रभाव का आकलन किया गया। अध्ययन में 841 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिन्हें मधुमेह होने का अधिक खतरा था। प्रतिभागियों को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सामाजिक सहयोग और मित्रों का साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मददगार साबित हो सकता है। दोस्तों के प्रोत्साहन से लोग खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देते हैं। इससे डायबिटीज के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है। अध्ययन के परिणामों ने सामुदायिक समर्थन की अहमियत को रेखांकित किया है। शोध के अनुसार, केवल चिकित्सीय सलाह ही नहीं बल्कि सामाजिक जुड़ाव भी स्वास्थ्य सुधार में भूमिका निभाता है। मित्रों के साथ नियमित संपर्क मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक हो सकता है। तनाव कम होने से जीवनशैली संबंधी बीमारियों का खतरा घट सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि डायबिटीज रोकथाम कार्यक्रमों में सामाजिक सहयोग को भी शामिल किया जाना चाहिए। यह अध्ययन बताता है कि मजबूत सामाजिक रिश्ते बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में योगदान दे सकते हैं।
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