स्विट्जरलैंड की सैंड्रा लावी ने दुबई की सफल कॉर्पोरेट जिंदगी छोड़कर ग्रामीण भारत में सेवा का रास्ता चुना। उन्होंने एक दूरदराज के गांव में मुफ्त प्राथमिक स्कूल शुरू किया है। इस स्कूल में करीब 150 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इसके अलावा 120 छात्रों को ट्यूशन सहायता और रोजाना भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है। सैंड्रा का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य के अवसर देना है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया है। इस पहल से 20 महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सैंड्रा का मानना है कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना उनके जीवन का उद्देश्य है। उनके प्रयासों से ग्रामीण समुदाय में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। शिक्षा और रोजगार के माध्यम से वह लोगों को सशक्त बनाने का काम कर रही हैं।
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